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Monday, May 18, 2009

vyang

अन्तर्राष्ट्रिय हाईपर्टेन्शन डे
अब क्या कहें एक और दिन आ गया मनाने के लिये इन्ट्र्नैशनल हाईपरटेन्शन डे मै ये तो नही जानती कि इसे कैसे और किस को मनाना चाहिये
मगर एक बात की खुशी है किमुझे इसे मनाने मे कोई ऐतराज या परेशानी नहि है आप लोग भी परेशान मत होईये हमरे देश मे आज कल् ये दिन मनाने के लिये माहौल भी है और लोग भी हैं जिन्हें हाईपरटेन्शन हो गयी है उन मे कुछ्ह तो वो जो प्रधानमंन्त्री बनने के सपने देख रहे थे पर सपने सपने ही रेह गये और कुछ वो जो हार गये कुछ जो बन गये उन्हे आगे की चिन्ता सता रही है के मन्त्रीपद मिलेगा कि नहीं जो वर्कर्स हैं वो भी जोड तोड मे लगे हैं कि अब कौन कौन से लाभ उठायें इस लिये हर शहर मे बडे पैमाने पर ये दिन मनाया जाना चाहिये कि भाई सपने तो जरूर देखो मगर अपने कद और हैसियत के अनुसार अगर बडे सपने देखने ही हैं तो राहुल बाबा की तरह गलियों की खाक छानो और पसीन बहाओ टेन्शन चाहे फिर भी रहेगी पर हाईपरटेन्शन नही होगी इस तरह ये देश हाईपर्टेन्शन से मुक्त हो जायेगा याद रखो ये एक साईलेन्ट किलर है

61 comments:

  1. सही कहा आपने...हम तो ये कहते हैं जी के...मस्त रहो मस्ती में आग लगे बस्ती में...फिर देखो कोई टेंशन नहीं रहेगा...
    नीरज .

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  2. HA HA HA SAHI KAHAA HAI AAPNE.. HAMAARE DESH ME YE MAUSHAM ABHI KHUB BANAA PADAA HAI...

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  3. हमेशा मस्त रहिए कोई टेन्शन होगी ही नहीं।
    -Zakir Ali ‘Rajnish’
    { Secretary-TSALIIM & SBAI }

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  4. ha ha ha...bahut sahi likhe hai :)

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  5. ही-ही-ही-ही.......और टेंशन करके भी आप कर क्या लीजियेगा........ही-ही-ही-ही-........इसलिए टेंशन मत लीजिये......टेंशन दीजिये.....और देश की मुख्यधारा में शामिल हो जाईये....!!

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  6. bhut shi kaha .ak mjdur ke liye koi day nhi hota nity psina bhakar nye din ka nirman karta hai .

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  7. अब ये भी दिन देखना पडेंगे कि हर रोज़ कोई ना कोई डे होगा. अब हाईपर टेंशन नही होने की वजह से मुझे टेंशन हो रहा है!!

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  8. गम पे धूल डालो,
    कहकहा लगाओ,
    कांटो की डगरिया ज़िंदगानी है,
    तुम जो मुस्कुरा दो राजधानी है......

    सकारात्मक सोच ही हल है.

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  9. kis-kis ko yaad kijiye..kis-kis ko royiye,
    aaram badi ceej hai, munh dhaapkar soyiye...

    No tention.

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  10. बिलकुल सही कहा आपने, सहमत हूँ!

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  11. Achchha vyang kiya hai aapne.

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  12. bilkul sahi kaha..
    aajkal bas yahi din rah gaye hai manane ko..

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  13. ... प्रभावशाली अभिव्यक्ति !!!!

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  14. jab maine blog join kiya tha.. soncha tha hindi sahitya ko blog par likhne wale mere jaise kam hi bewakuff honge... ab pata chala bahut se buddhimaan bhi hai... aapka blog dekh kar bahut achha laga... shayad thoda bahut sikhne ko bhi mila....
    ek chhoti si dastak mere blog par bhi de... http://ab8oct.blogspot.com/

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  15. जो भी परिस्थिति आये उसको हंसकर स्वीकारते रहो ,मस्त रहो ,सपने देखो पर हकीकत की धरती पर खड़े होकर देखो --हाई-पर टेंशन से दूर रहोगे ,बहुत प्रभावशाली व्यंग है बधाई |

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  16. बहुत ही अच्‍छी सलाह है आपकी। आभार।

    -Zakir Ali ‘Rajnish’
    { Secretary-TSALIIM & SBAI }

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  17. खुश रह के और जिन्दा दिल रह के औरो के लिये भी जियो और अपने लिये भी
    http://apanajunction.blogspot.com

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  18. निर्मला जी ,आप चाहेंगी तो हम इसका बीज आपको कुरियर से उपलब्ध करवा देंगे ,खेती की विधि भी बता देंगे ,आप घर में लगाना चाहती हैं या खेतों में ?यह तो बताएं वरना हमें भी हाईपरटेंशन हो जाएगा .

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  19. bilkul sahi kaha aapne...
    dhanyavaad mere blog par aane aur tippani dene ka.... aapne jo bhi bahumulya sujhav diya hai mai uspar jaldi hi amal karunga,,

    aap bahut hi achha likhti hai.

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  20. क्या क्या मनाये, वैसे मुझे इससे मनाने की आवस्यकता नहीं है क्योंकि टेंशन अपने को है नहीं, पता नहीं क्यों होती ही नहीं, सिरियस तो मुझे याद नहीं आ रहा कभी हुआ होउंगा, वैसे आप कोई टेंशन मत दे दे ना.....

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  21. Maa aapko mare charan sparsh, maa aapne likha hai ki dev beta maa ko bhul gaya, maa mai maa ko kaise bhul sakta hoon, maa recession ne hum software walo ko probelm me dal rakha hai so mai office se hi pareshan hoon. aur apreshani me maa ke aanchal ke shiva koi chhaya nahi hai jo man ko sukha de sake...Maa aapke aashirvad se hi humame shukhi aur khush hai..aapki hi antraprerana se hi man me shakti hai...aapke charno me hi to apna tirath hai maa.. koi apne tirath ko kaise bhul satka hai...

    Aapka artidle buhut achcha laga....

    Maa ke charno me mera sat sat pranam..

    DevPalmistry |Lines tell the story of ur life

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  22. sabse pahle aapko mere blog pe aane k liye dhanyawad. aapki ye abhwyakti achi hai. iske liye aapko badhai.

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  23. This comment has been removed by the author.

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  24. nirmal ji mere dost kahte hai ki
    tention lene ka nahi, dene ka
    lekin bechare jante hi nahi ki dusro ko tention dene ki tention se unhe hipertention hoti hai

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  25. aaderneey
    aaderneey....
    nirmala ji.........

    aapne jo mera hosla badaya....uske liye dil se aabhar...

    asha karta hun aap aage bhi isi tarah meri hoslaafzai aour margdarshan karte rahenge.....

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  26. aaderneey
    nirmla ji pranaam.....
    sab aapka aashirvad hai.......
    cartoon ban hi jata hai....
    .

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  27. aaderneey
    nirmla ji pranaam.....

    naya cartoon dala hai jara apna aashirwad de...

    ek bat aour aapka koi aour bhi hai kya.....

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  28. बजा फ़रमाया आपने जी।

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  29. शायद इक दिन भी ऐसा नही बचेगा जिस दिन कोई डे नहीं होगा ! और बचेगा तो वो सिंपल डे के नाम से मनाया जायेगा !

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  30. mere life ka phanda hai cool raho , without tension

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  31. नमस्कार
    हौसला-अफजाई का बहुत-बहुत शुक्रिया
    आपका लेखन हमेशा ही स्तरीय होता है
    आपको अभिवादन कहता हूँ

    हास्य-व्यंग्य से याद आया कि देहरादून से प्रकाशित होने वाली
    साहित्यिक पत्रिका "सरस्वती -सुमन" का अगला अंक हास्य-व्यंग्य
    विशेषांक निकल रहा है जिसका सम्पादन इस बार विद्वान् साहित्यकार
    और लेखक श्री योगेन्द्र मौदगिल (पानीपत) कर रहे हैं .
    आपसे अनुरोध है कि अपनी चुनिन्दा रचनाएं भेजें

    १ श्री योगेन्द्र मौदगिल - (०९८९६२ ०२९२९)
    या
    २ डॉ आनंद्सुमन सिंह मुख्या सम्पादक
    सरस्वती सुमन
    १- छिबर मार्ग (आर्य नगर )
    देहरादून . (०९४१२० ०९०००)

    सधन्यावाद
    ---मुफलिस---

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  32. abhi tak to nahin tha...lekin shayad ab ho jaayega.... :)

    ye din banaata kaun hai??

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  33. Kin kin se bachen..! Na jane kitne 'silent killers'hain! Aksar aatee hun aapke blog pe..kayi baar soch me pad jaatee hun,ki, kya kahun,aapko padhne ke baad...gyaan vardhan to hai,lekin,aapke kahnekaa tareeqa behad saral aur achha hai..padhne ke baad nazar andaaz nahee kiya jaa saktaa..

    http://shamasansmaran.blogspot.com

    http://kavitasbyshama.blogspot.com

    http://lalitlekh.blogspot.com

    http://aajtakyahantak-blogspot.com

    http://shama-baagwaanee.blogspot.com

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  34. बिल्कुल ठीक कहा आपने। हां अगर वरुण गांधी और रीता बहुगुणा की तरह सपने देखे, तो जेल जाना पड़ सकता है। हम तो यही कहेंगे कि चार जिंदगी की ज़िंदगी है, टेंशन लेकर क्या जीना।

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  35. वैसे तो यह दिवस मे सिमट ही नही पायेगा. मेरे खयाल से अन्तर्राष्ट्रिय हाईपर्टेन्शन युग मनाया जाए तो बेहतर होगा.
    मनाये न मनाये ये तो मन ही रहा है

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  36. श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। जय श्री कृष्ण!!
    ----
    INDIAN DEITIES

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  37. आज़ादी की 62वीं सालगिरह की हार्दिक शुभकामनाएं। इस सुअवसर पर मेरे ब्लोग की प्रथम वर्षगांठ है। आप लोगों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष मिले सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए मैं आपकी आभारी हूं। प्रथम वर्षगांठ पर मेरे ब्लोग पर पधार मुझे कृतार्थ करें। शुभ कामनाओं के साथ-
    रचना गौड़ ‘भारती’

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  38. एक बिनती लेके आयी हूँ ..'एक सवाल तुम करो ' इस प्रश्न मंच को ,सामाजिक सरोकार मद्दे नज़र रखते हुए ,मैंने तथा नीरज कुमारने बनाया है ..क्या आप कभी छोटे ,छोटे सवाल ,जो आपके मनमे आते हैं , लिखेंगी ? बड़ी शुक्र गुज़ारी तथा हौसला अफ़्ज़ायी होगी ..मै अलगसे निमंत्रण भेज दूँगी , गर आप राज़ी हों तो ..अन्य नाम भी गर सुझाना चाहें ( e-mail द्वारा ) तो बड़ी मेहेरबानी होगी ..!

    http://shamasansmaran.blogspot.com

    http://kavitasbyshama.blogspot.com

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    http://aajtakyahantak-thelightbyalonelypath.blogspot.com

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  39. http://shama-shamaneeraj-eksawalblogspotcom.blogspot.com/

    Ye hai, is naye blog kaa link..intezaar rahega..!

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  40. बिखरे सितारे ! ७) तानाशाह ज़माने !
    पूजा की माँ, मासूमा भी, कैसी क़िस्मत लेके इस दुनियामे आयी थी? जब,जब उस औरत की बयानी सुनती हूँ, तो कराह उठती हूँ...

    लाख ज़हमतें , हज़ार तोहमतें,
    चलती रही,काँधों पे ढ़ोते हुए,
    रातों की बारातें, दिनों के काफ़िले,
    छत पर से गुज़रते रहे.....
    वो अनारकली तो नही थी,
    ना वो उसका सलीम ही,
    तानाशाह रहे ज़माने,
    रौशनी गुज़रती कहाँसे?
    बंद झरोखे,बंद दरवाज़े,
    क़िस्मत में लिखे थे तहखाने...

    Ye bikhare sitare aur bikhar rahe hain..aapka intezaar hai!

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  41. निर्मलाजी , ब्लॉग की दुनिया में नया दाखिला लिया है. अपने ब्लॉग deshnama.blogspot.com के ज़रिये आपका ब्लॉग हमसफ़र बनना चाहता हूँ, आपके comments के इंतजार में...

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  42. 'बिखरे सितारे 'पे comment के तहे दिल से शुक्रिया !

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  43. अन्तर्राष्ट्रिय हाईपर्टेन्शन डे,पर आपके लेख ने हसाया भी साथ ही सोचने पर भी मजबूर किया

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  44. निर्मला जी
    अच्छा लिखा है सही भी लिखा है
    हमारा प्यारा भारत अब बिकॉज दैट ईज इन्डीया है और भारत को ही अमेरिका का चक्कर लगा के फोल्लो कर रहा है चूँकि भारत kee संस्कृति उत्सव धर्मी है इस लिए यहाँ साल के ३६५ दिनों में एक हज़ार से ज्यादा त्यौहार होते हैं जब की अमेरिका और पस्श्चिमी देश व्यवसाय धर्मी है इसलिए इंडिया नाम का पिछलग्गू भी धंधा करने के लिए रोज रोज nai पुकार लगाने का अवसर देने वाली धंधा संसुक्रती के पीछे लग जाता है
    जाहिर है आप को ह्य्पर टेंशन हो न हो ,जाओ ,डॉक्टर से जांच करा आओ .डॉक्टर commission खाकर जो बहु राष्ट्रिय कम्पनी की दावा लिखेंगे उससे उनका धंधा चलेगा
    वरना अपने भारत में तो ४० मिनट सुबह ध्यान कर लो या बीस बीस मिनिट सुबह शाम धयान में बैठ लीजिये
    ये हाइपर टेंशन होता क्या है कभे पता ही नहीं चलेगा
    अच्छा व्यंग लिखने के लिए बधाई

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  45. अन्तर्राष्ट्रिय हाईपर्टेन्शन डे
    kya baat...nirmlaji...bina kahe sab keh diya ...ek tathya ko prastut bher ker ke aapke es vyang se kafi hasya v prasna cha gaye ....acha lekhan..prabhavshali ..v sahaj ....

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  46. प्रभावशाली आलेख है जी
    सादर

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  47. इष्टमित्रों और परिवार सहित आपको, दशहरे की घणी रामराम.

    रामराम.

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  48. aap aai khushi hui .charcha dilchasp hai .happy dashhara .is lekh ko padhte huye jagjit ji gazal yaad aa gayi .----ye khuda ret ke ..................chadar dede .

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  49. थोडा लेट हूँ. आपको विजय दशमी की बधाई!

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  50. aapki post padh kar achchha laga
    naturica par suniyeकविता -mix

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  51. मीत गीत के
    जलो दीप बन.
    तिमिर पान कर
    अमर रहो..

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  52. WiSh U VeRY HaPpY DiPaWaLi.......

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  53. निर्मला आपा आदाब,
    जिस बीमारी का जिक्र आपने किया वास्तव में आज देश का युवा इससे सबसे ज्यादा पीड़ित है जब हमारे सामने समस्याएं मुह बाये खड़ी हों तो टेंशन क्या टेंशन का बाप भी सर पर तांडव करता है मै राहुल गाँधी की बात नहीं करता मै बात करता हूँ इरोम शर्मीला की नॉर्थ ईस्ट में जो भी हो रहा है उसको लेकर अगर महीनो कोई भूखा रहकर विरोध जताता है तो उसे क्या कहा जायेगा की आखिर उसको अपने लोगों की इतनी चिंता क्यूँ है क्यूँ वो अपने लोगों को लेकर इतनी परेशां रहती है खैर मै आपको धन्यवाद देता हूँ आज आपको पढने का मौक़ा मिला और आगे भी आपसे बहोत कुछ सिखने को मिलेगा.

    आपका हमवतन भाई ...गुफरान सिद्दीकी(अवध पीपुल्स फोरम फैजाबाद)

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  54. होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाये और ढेरो बधाई ...

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  55. Get your book published.. become an author..let the world know of your creativity or else get your own blog book!


    http://www.hummingwords.in/

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